इम्यूनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता)
हमारे शरीर को स्वस्थ और निरोगी रखने के लिए इम्यूनिटी का अच्छा होना बहुत जरूरी है। जब हमारी इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है तब हमारा शरीर बहुत जल्द बीमार होने लगता है। तरह-तरह की बीमारियां उत्पन्न होने लगती हैं। जैसे, कोई भी ठंडी चीज खाने से यह पीने से सर्दी जल्दी हो जाना या बुखार जल्दी जल्दी आना या जिसमें कहीं दर्द होना। और दवाइयां देने से भी जल्दी ठीक ना होना।
एक और बहुत जरूरी बात बता दो कि जो शरीर अंदर से साफ होगा उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता उतनी ही अच्छी होगी। इसको एक उदाहरण से समझते हैं। आप सोचिए कि 2 डस्टबिन हैं एक खाली और एक कचरे से भरा पड़ा है आपको क्या लगता है की कोई भी कीटाणु आकर कौन से डस्टबिन में अपना घर बनाएगा जाहिर सी बात है वह उस डस्टबिन में आएगा जिस में कचरा भरा पड़ा है। कुछ ऐसा ही हमारे शरीर में होता है। जब हम गलत खाने खाते हैं और आते ही रहते हैं तो हमारा शरीर अंदर से गंदा हो जाता है। जो शरीर अंदर से गंदा होगा वह अपने आप कीटाणुओं को अपनी तरफ आकर्षित करेगा। और जो शरीर अंदर से बिल्कुल साफ है उसमें कीटाणु आएंगे ही नहीं। अगर आपका शरीर अंदर से बिल्कुल साफ है तो इम्यूनिटी अपने आप पड जाती है। मतलब ज्यादा साफ शरीर ज्यादा इम्यूनिटी के बराबर होता है।और पढ़ें..शिलाजीत के फायदे।
तो हम कैसे जाने कि हमारा इम्यून सिस्टम स्वस्थ है या कमजोर इसके लिए हमें कुछ चीजों पर ध्यान देना पड़ेगा तो आइए जानते हैं कि अपने इम्यून सिस्टम के बारे में किन बातों का ध्यान रखें-
रोज पेट साफ होना
दिन में एक बार पेट साफ होना बहुत जरूरी है बिना किसी गोल या किसी चूर्ण का इस्तेमाल करें बिना। सबसे अच्छा है कि रोज सुबह को पेट साफ होना। अगर पेट साफ नहीं हो रहा तो आपको कब्ज है। मतलब जो गंदगी बाहर निकालनी थी वह अंदर ही जम रही है।
ज्यादा वजन ना होना
जब हमारा पेट रोज साफ होगा तो हमारा वजन ऑटोमेटिक अली नॉर्मल हो जाएगा। जब पेट साफ नहीं होता तो वजन बढ़ने लगता है। अगर वजन ज्यादा है तो मतलब अंदर गंदगी भरी पड़ी है और इम्यूनिट अपने आप कम होगी।
त्वचा साफ होना
आपकी त्वचा आपके शरीर का एक आईना है। हमें फुंसी और वहां से तब होते हैं जब हमारे खून में गंदगी होती है।
आलस्य ना होना
आलस्य का अनुभव नहीं आना चाहिए। आपको सुबह उठकर ताजा महसूस नहीं होता या दिन में नींद आती रहती है। हमें आलस्य तब आता है जब हमारा शरीर अंदर से साफ नहीं होता।
रोज भूख का अनुभव होना
जब भूख लगे तो तेज भूख लगनी चाहिए। कुछ लोगों को भूखा अनुभवी नहीं होता पेट भरा भरा सा लगता है। इसका मतलब हमारा खाया हुआ भोजन अच्छे से पच नहीं रहा। अगर आपकी इम्यूनिटी अच्छी है तो दिन में दो बार तेज वह लगनी चाहिए।
गहरी नींद आना
यानी रात को गहरी नींद आना। अगर आप लोग सोते रहते हैं या लेटने के बहुत देर बाद नींद आती है। इसका मतलब इम्यूनिटी कमजोर है। हमें लेटने के 5 मिनट बाद नींद आना चाहिए।
किसी भी अंग में दर्द ना होना
मतलब शरीर में दर्द ना होना कभी कहीं दर्द हो रहा है तो कभी कहीं दर्द हो रहा है ऐसा नहीं होना चाहिए।
सुख का अनुभव होना
आप तो यह महसूस करना है कि आप दिन में कितना खुश रहते हैं। अगर आपको दिन भर स्ट्रेस रहता है या तनाव रहता है छोटी-छोटी बात पर गुस्सा आना नहीं चाहिए। अगर आपका शरीर अंदर से गंदा है इसका असर मन पर भी पड़ता है।
तो यह हो गए अच्छी इम्यूनिटी के 8 लक्षण।
- इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए विटामिन ए युक्त आहार लें जैसे, गाजर, कद्दू, पपीता, आम, चकोतरा।
- और विटामिन ई युक्त आहार लें जैसे, बादाम, मूंगफली, सूरजमुखी के बीज, पाइन नट्स आदि का सेवन करें।
- बीमार लोगों के संपर्क में आने से बचें। जब किसी व्यक्ति का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है तो उसे किसी संक्रमण से पीड़ित व्यक्ति के करीब नहीं जाना चाहिए। और उससे खाने पीने की चीजें भी शेयर नहीं करना चाहिए।
- तनाव को कंट्रोल करें। ज्यादा तनाव लेने से इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। जनाब कंट्रोल करने के लिए मसाज करें, योग करें, मेडिटेशन करें, दोस्त, रिश्तेदार आदि के साथ संपर्क बनाए रखें।
- पर्याप्त मात्रा में नींद लें।नींद की कमी की वजह से इम्यून सिस्टम का सबसे अहम हिस्सा- सफेद रक्त कोशिकाओं के सामान्य उत्पादन में कमी आती है। सीडीसी की मानें तो वयस्कों के लिए रोजाना रात में कम से कम 7 घंटे की नींद बेहद जरूरी है। वहीं बच्चों के लिए उनकी उम्र के हिसाब से 8 से 17 घंटे की नींद जरूरी है।
- रोजाना एक्सरसाइज करें।शरीर को मजबूत बनाने के साथ ही एक्सरसाइज करने के दौरान एन्डॉर्फिन हार्मोन रिलीज होता है जिससे स्ट्रेस लेवल में कमी आती है। हालांकि जिन लोगों का इम्यून सिस्टम कमजोर हो उन्हें बहुत ज्यादा हाई इंटेंसिटी वाली एक्सरसाइज करने से बचना चाहिए।
- अपने पेट को साफ रखें कब्ज ना होने दें।

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