गठिया के कारण, लक्षण और उपचार। Treatment of Arthritis।

गठिया

गठिया एक बहुत खतरनाक बीमारी है इसमें लोगों के हाथ पैर टेढ़े हो जाते हैं और चलना फिरना उठना बैठना भी दुश्वार हो जाता है। जाड़ों में यह बीमारी और भी बढ़ जाती है। हमारे शरीर में हड्डियों के जोड़ों पर एक कार्टिलेज होती है जो बहुत चिकनी होती है जब वह कार्टिलेज घिसने लगती है या फूलने लगती है तब उसे गटिया कहते हैं। जिसकी वजह से जोड़ों में सूजन आने लगती है। दर्द होने लगता है । जोड़ टेढ़े होने लगते हैं।

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गठिया के लक्षण

  • सबसे पहला लक्षण तो दर्द है। चलने फिरने में दर्द होता है उठने बैठने में दर्द होता है। जैसे बीमारी बढ़ती जाती है दर्द और बढ़ता रहता है फिर आम चलने में भी दर्द होता है।
  • हाथ पैरों के जोड़ों में सूजन होना। खासकर सुबह के समय सूजन और जकड़न ज्यादा होती है।
  • पैर और उंगलियां टेढ़ी होने लगती हैं।

गठिया के प्रकार
गठिया दो प्रकार की होती है-
1. वांसिगत गठिया (Mutoid Arthritis) 2. पुरानी गठिया (Osteo Arthritis)

1. वांसिगट गठिया 
यह गठिया किसी भी उम्र में हो सकती है 40 या 60 यह बचपन में भी हो सकती है। और किसी भी उम्र तक चल सकती है।

2. पुरानी गठिया
यह गठिया बढ़ती हुई उम्र का रोग है । कुछ सालों पहले आमतौर पर यह पाया गया है की यह 60 साल या फिर उससे ऊपर के लोगों में होती है। लेकिन अब गलत खानपान की वजह से यह 40 या 45 की उम्र में भी देखने को मिलता है।

गठिया का इलाज
गठिया का इलाज उसकी स्टेज पर डिपेंड करता है। अगर सही समय पर पता चल जाए तो कुछ दवाइयां और कुछ खास व्यायाम करने से अच्छा आराम मिलता है। व्यायाम के बगैर किसी भी तरह की गठिया में फायदा नहीं हो सकता। सिर्फ व्यायाम से ही ठीक नहीं होते साथ में कुछ दवाइयां भी लेनी पड़ती हैं। अगर बीमारी थोड़ी और बढ़ जाती है तो फिजियोथैरेपी की जरूरत पड़ती है। अगर स्टेज 2 के बाद स्टेज 3 हो जाए तो कुछ जटिल दवाई देनी पड़ती हैं। लेकिन अगर जोड़ बिल्कुल खराब हो जाए कोई काम ना करें तो फिर एक ही रास्ता होता है ऑपरेशन करने का।

गठिया के लिए कुछ दवाइयां
वातारी गूगल
सिंहनाद गूगल
सरबंग सुंदर रस
वातारी रस
सिवा गूगल

ये सभी दवाइयां गठिया में बहुत लाभदायक हैं।


डॉक्टर की सलाह के बिना किसी भी दवा का इस्तेमाल न करें।

I wish you good health

Aasaan Upchar



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