धातु (धात) रोग क्या है?
धात रोग वह होता है जिसमें वीर्य बिना किसी इच्छा के निकल जाता है, ऐसी स्थिति में होता है जैसे नींद के दौरान या पेशाब या मल त्याग के दौरान।
यह कोई रोग नहीं होता वीर्य का शरीर से निकलना तो एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। और इससे कोई नुकसान भी नहीं होता लेकिन लोगों को चिंता बनी रहती है जैसे कमजोरी हो ना मेडिकल विज्ञान में इसे सही नहीं माना जाता है।
ज्यादातर लोग धात को पुरुषों में गुप्त रोग कहते हैं जिसमें वीर्य बिना किसी संभोग या उत्तेजना के बिना किसी इच्छा के वीर्यपात हो जाता है। कभी-कभी वीर्य पेशाब से पहले या पेशाब में मिलकर भी आ जाता है। लेकिन ऐसा होने पर ज्यादा परेशान नहीं होना चाहिए क्योंकि इससे कोई नुकसान नहीं है।
धातु (धात) रोग के लक्षण-
धातु या धात गिरना ये कोई रोग नहीं होता। लेकिन आप और मैं इसके कुछ लक्षण देखे जा चुके हैं जैसे, एकाग्रता में कमी, भूख ना लगना, कमर दर्द, थकान, डिप्रेशन, याददाश्त कमजोर हो, ना सुस्त आंखें, रातों पसीना आना, अंडकोष के आसपास पसीना आना, पेरीनेम में दर्द, हथेलियां और तलव नाम और गर्म होना, त्वचा का नाम और गर्म होना।
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धातु (धात ) रोग का कारण -
आयुर्वेद में लिखा है कि धात रोग तब होता है जब हमारे शरीर में "वात दोष" और "पित्त दोष" बनने में तेजी आ जाती है। यह दोष चिंता और घबराहट की वजह से बढ़ जाते हैं।
धात निकलना जरूरी है क्योंकि मेडिकल विज्ञान के अनुसार ये कोई प्राकृतिक नहीं है।जिस तरह से शरीर से तरल पदार्थ निकलना जरूरी उसी तरह वीर्य का निकलना भी जरूरी है। यदि कोई व्यक्ति हस्थमैथुन या सेक्स नहीं करता और उसे नाइटफॉल भी नहीं होता ।तो वीर्य शरीर से निकालने का रास्ता खोज लेता है।
इसका एक कारण यह भी है कि को लोग ज्यादा हस्थमैथुन करते हैं उन्हें भी धात गिरने कि परेशानी हो जाती है।
धातु (धात) रोग का इलाज-
धात रोग के लिए एक्सरसाइज-
धात रोग ठीक करने के लिए कीगल एक्सरसाइज सबसे बेहतर है।
पहले तो आपको जानना होगा कि कौनसी मस्पेसी को टारगेट करना है तब आपको कीगल एक्सरसाइज करने में काफी आसानी हो जायेगी।यह पेशाब के दौरान अपनी मांसपेशियों का पता लगाने के सबसे आसान तरीकों में से एक है। जो कुछ ऐसे है -
- पेशाब करते समय आधी पेशाब करने के बाद बाकी पेशाब धीरे धीरे करने की कोशिश करें।
- अपनी टांगों,पेट, नितम्बों की मासपेशियों में तनाव उत्पन्न न करें,और अपनी सांसों को रोकने का भी प्रयास न करें।
- जब आप पेशाब को धीरे धीरे करने में सफल हो जाएंगे,तब आप अपनी मांसपेशी पर नियंत्रण पा लेंगे।
- कब्ज का पता जल्द से जल्द पता लगा लेना चाहिए और उसका इलाज भी जल्द से जल्द करा लेना चाहिए।
- 1-5 तक धीरे धीरे गिनती करें और अपने मासपेशियों को सिकोड़े।

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